Thursday, 23 November 2017

दोनों अजनबी रहते तो अच्छा रहता

दोनों अजनबी रहते तो अच्छा रहता
न हम तुम्हें जानते
न तुम हमें पहचानते

तुम हमें यूँही ईमेल करते रहते
हम तुम्हें ऐसे ही एसएमएस भेजते रहते 

तुम हमें अपनी खुशियां लिखते
हम तुम्हें अपने गम लिखते
तुम हँसा करते
हम चुपके-चुपके रो लेते।

बस इतना ही अपना रिश्ता रहता
हम दोनों परदे के पीछे छुपे रहते
बस अपनी-अपनी अदाकारी से एक-दूसरे की ज़िन्दगी सवार रहे होते...

क़ाश दोनों अजनबी ही रहते... 

- राज

अगर मरने का ख्याल हो तो

अगर मरने का ख्याल हो तो एक बार हमें भी पुकार लेना... 
हम तो कब से बोरियाँ-बिस्तर तैयार कर, तेरे इंतज़ार में बैठे है।

यहाँ अंतिम-संस्कार का सामान मिलता है...

- राज 

बातों-बातों में...

चलो कुछ बातों-बातों में उससे बात करके देखते है... 
कुछ जवाब-सवाल उससे करके देखते है...

हा हा हा हा

Wednesday, 22 November 2017

Hamare-Tumhare Ishq Ke Parche Khule-Aam Ho Gaye...

Hamare-Tumhare ishq ke parche khule-aam ho gaye...
Hum badnaam pehle se the
Aur badnaam ho gaye...

Sab par hasana bahut aasaan tha hamare liye
Jab khud pe guzari to kaam-tamaan ho gaye...

Ladate the... Aapas mein jhagadte the... 
Tujhse ladate the... jhagadte the.. Par teri khabar to mil jaati thi...
Jab se door-door kya hue ki anjaan ho gaye...

Hum to aapke liye marne ko bhi taiyaar the Sahiba...
Bas aap hi dusare ke ho gaye...
hahaha

- RaJ

Monday, 20 November 2017

एक न एक दिन तो तुम्हारे घर में भी मातम होगा

कौन सा ऐसा घर है जो खुदा के क़हर से बचा होगा. 
एक न एक दिन तो तुम्हारे घर में भी मातम होगा
कोई सफ़ेद कपड़ो में लिपटा ज़मीन पर पड़ा होगा.

रोने-धोने की आवाज़ तुम्हारे घर से भी आ रही होगी
लोगों का घर में हुजूम ठसा-ठस भरा होगा.

तुम्हारी आँखों से आँसुओं का सेहलाब बह रहा होगा.
वक़्त ज़िन्दगी को तुम्हारी डस रहा होगा.  

दूर कही खड़ा मैं हँस रहा हूँगा 
ज़ोर-ज़ोर से 
बहुत ज़ोर
बहुत जोर-जोर से हँस रहा हूँगा

- सन   

नोटिस

नोटिस

१- मेरे माता-पिता का स्वर्गवास हो चूका है. मैं एक दम अकेला इंसान/लड़का हूँ. कोई और रिश्तेदार नहीं है मेरा. न भाई, न बहन, न पत्नी, न और कोई रिश्तेदार। अगर कोई आपको मेरा रिश्तेदार होने की बात करता है तो वह निराधार है, सरासर झूठ है।

२. कुछ दलाल और मेरे जान-पहचान/सिर्फ हेलो टाइप वाले कुछ लोग मुझसे शादी करवाने की बात समाज में/ लड़कीवालों के परिवारवालों से जा-जाकर करते रहते है. उसमें कुछ महिला/ लड़कियाँ भी शामिल है. मैं बहुत ही स्पष्ट, साफ़ कर दूँ कि मेरा विवाह का कोई विचार नहीं है. यदि कोई भी दलाल के प्रलोभन में आता है और उसको कुछ धन, सामान, अन्य दे देता है तो वह खुद उसके लिया ज़िम्मेदार होगा. मेरी कोई जिम्मेदारियाँ नहीं होगी. 

३. बहुत सी महिला/ लड़कियां मुझे अपना साथी होने की बात करती है और यहाँ तक की प्रेमी भी कहती है और यहाँ तक यह भी कहती है की यह लड़का मुझसे शादी करना चाहता है. जो निराधार बात है, सरासर झूठ है. मेरी ज़िन्दगी में सिर्फ एक ही महिला साथी है जिसका नाम नाज़ है और वह मैंने अपनी ज़िन्दगी में सिर्फ एक ही लड़की से मोहब्बत की है जिसका नाम गुन है. और दोनों की अल्लाह मियाँ को प्यारी हो चुकी है. अच्छा यह रहेगा की आप लोग किसी भी झूठ का शिकार न हो. 

४. किसी भी बात की सच्चाई जाननी हो तो पहले मेरे से ब्लॉग पर कमेंट्स करके वार्तालाप करले तब उसपर यकीन करें और अपनी राय बनायें।

रोमिल अरोरा

Saturday, 18 November 2017

Samaj hi nahi aaya ki kab mohabbat ke haaton bik gaye...

Samaj hi nahi aaya ki kab mohabbat ke haaton bik gaye...
mazaak banke reh gaye...

na woh humein samjhe...
na hum unko...
bas ek safar ke saathi banke reh gaye...

thodi si wafaa mangi thi bas usse...
hum bewafa banke reh gaye...

waqt ki parat pe parat aisi zami ki 11 saal beet gaye...
hum intezaar banke reh gaye...

- Raj