Tuesday, 31 March 2015

Ki is tarah paalon nafratein...

Ki is tarah paalo nafratein ki fir milne ki gunjaiesh na reh jaye...
Ho aamne-samne  aur nazarein shole  barsaye...

Ett ka jawab pathar se mile... talwarein lahoo ki dhara bahayein...
Ho jayein khaak khandan par Ranjish na kam hone paaye... 

Khandani log ho agar Miya...
To yaad rahein....
Mohabbat ho ya fir Nafrat lahoo ke aakhiri katre tak nibhai jaye...

Yeh juban meri hai...
Adab se bolna bhi janti hai... Be-aabru karna bhi janti  hai...
Khayaal rahe Sultan ke samne koi gustakhi na hone paaye...

Hahaha... Raavan... Dus-Dus Sar Wala... hahahahaha...

Sultan

वक़्त का क्या है, यह तो यूं ही चलता जायेगा...

वक़्त का क्या है, यह तो यूं ही चलता जायेगा...
बस पीछे अपने यादें छोड़ जायेगा...
*
तू कभी अँधेरे से न डरना मेरे यार
तेरे साथ मेरी नज़र का काफिला जायेगा...
*
यूं न तन्हा फिरा करो शहर में हुस्न वाले
कोइए मनचला तुझे उठाकर ले जायेगा...
*
आज जो मेरी मुहब्बत पर हसते है
कल उन्हें भी अपने साथ इश्क उड़ा ले जायेगा...
RRSA

दुनिया कल की जलती हैं तो आज जल जाये

दुनिया कल की जलती हैं तो आज जल जाये
माचिस की डिब्बी की जरुरत हैं तो में लाकर देता हूँ!

Monday, 30 March 2015

मैं रिश्ता जिससे तोड़ देता हूँ तो तोड़ देता हूँ

मैं रिश्ता जिससे तोड़ देता हूँ तो तोड़ देता हूँ
जिसका साथ छोड़ देता हूँ तो छोड़ देता हूँ...
मोहब्बत ही नहीं
मैं तो नफरत भी
बड़ी ईमानदारी के साथ करता हूँ...

मुझे फर्क नहीं पड़ता है कुछ भी तेरे कहने से
तेरे चीख़ने से, तेरे चिल्लाने से,
मैं तुझसे क्या, तेरे रब से भी नहीं डरता हूँ... 
मैं रिश्ता जिससे तोड़ देता हूँ तो तोड़ देता हूँ... 

हम भी हुए है बड़े बदनाम तेरी वजह से ज़माने में
तेरी वजह से अपने भी साथ छोड़ चले गए है ज़माने में
तेरी दुआएं सोती रही, किसी ग़ैर के आशियाने में
न मैं राज था... न मैं राज हूँ...
मैं रिश्ता जिससे तोड़ देता हूँ तो तोड़ देता हूँ... 

RRSA

Saturday, 28 March 2015

वोह बहुत खरा निकला

बेवफाई का जवाब बेवफाई से दिया
सौदेबाज़ वोह बहुत खरा निकला.
*
सहता रहा हादसे पर हादसा
किसी की मदद न ली
खुद्दार वोह बहुत खरा निकला.
*
तवायफ के घुंगरू को भी समझता रहा कला
कदरदान वोह बहुत खरा निकला.
*
ठुकरा दी लाखों की दौलत पल भर में
कलंदर वोह बहुत खरा निकला.
*
पत्थर को भी सजा कर बना दिया देवी
कलाकार वोह बहुत खरा निकला.
RRSA

Friday, 27 March 2015

Aathanni...अठन्नी

Maa ki di hui Aathanni bahut yaad aati hai...
Khushi se tabiyat hari ho jaati hai...

Orange wali 4 Toffee aa jaati thi...
Khatta-Meetha Churan aur Mitthi Imli ki Chatani bhi mil jaati thi...
Pani ke Gol-Gappe bhi kha lete the...
Hum juban bhi Ice Cream se rang lete the...
Samosa, Namakpaare bhi mil hi jaate the...
Hum Aamras, Amrud, Bair bhi kha lete the...

Mario aur Rambo video game bhi bahut khela hai...
Patang, Lattu, Kanchhe... Kiraye ki Cycle... Jhula bhi bahut jhula hai...

Aaj pachches hazaar milte hai tab bhi kam nazar aate hai...

Nayaab si khushiyaan de jaati hai
Maa ki di hui Aathanni bahut yaad aati hai...

RRSA

अठन्नी... सन्नी... hehehehehe

आंसूओं की बारिश में भीग जाने को दिल करता है...

आंसूओं की बारिश में भीग जाने को दिल करता है
मेरा आज भी उसके दामन से चेहरा पोछने को दिल करता है...

एक ही गली में रहते है, फिर भी मिल नहीं पाते
मेरा इस ज़माने की सारी बंदिशों को तोड़ने को दिल करता है...

खुदा ने सब्र करने की मुझे तौफीक बक्शी है
वरना मोहब्बत के जल्लादों का सर कलम करने को दिल करता है...

बातों - बातों में वोह बिछड़ने का इशारा कर गया रोमिल 
खुदा, ऐसे इशारों पर मर-मिटने को दिल करता है...

आंसूओं की बारिश में भीग जाने को दिल करता है...

RRSA

कसूर

रोमिल आइना तुम्हे कहाँ सच्चाई बता पायेगा
मेरी नज़रों में देखो तुमको तुम्हारा कसूर समझ आ जायेगा...

यह माँ ही होती है

तोहफे का दिलासा देकर मना लेती है
चाँद को खिलौना बता के सुला देती है
यह माँ ही होती है रोमिल
जो खुद भूखा रह कर, बच्चों को खाना खिला देती है...

Thursday, 26 March 2015

बात छोटी है, मगर सोचने को दिल करता है...


आंसू बहाना पुरानी बात हो चली रोमिल

चलो किसी और तरह गम बयां करते है... 
बात छोटी है
मगर सोचने को दिल करता है...
***
सुकून की ज़िन्दगी दो घडी नहीं मिलती 
कभी यार के गम से तोह कभी मेरे दोस्त से मुझे फुर्सत नहीं मिलती 
बात छोटी है
मगर सोचने को दिल करता है...
***

रोमिल, अपनों से मिले ज़ख्म को वोह मेहरबानी समझता है 

 बात छोटी है
मगर सोचने को दिल करता है...
***

दोस्त के नाम पर, 

वोह रखेगा अपनी बच्ची का नाम रोमिल 

 बात छोटी है
मगर सोचने को दिल करता है...


RRSA

Wednesday, 25 March 2015

Na Jaane Kahan Se Aaye Hai...

Na jaane kahan se aaye hai...
Yeh jo aankhon mein khawab samaye hai...

Dil ki kharashe uski fitrat mein nazar aane lagi.
Rishtoon se usne bahut zakhm khaaye hai...

Ammi kehti thi... Beta...
Hamesha hi aise rooh se paak rehna...
Quran ki qasam utha ke kehti hoon...
Dekhana tujhe Allah ke farishtee lene aayenge...

Aur dekhana yahi aansoo tere
Ek din Phool bankar tujhpar barsenge, teri jholi mein aayenge...

RRSA

Aasmano Se Utara Noor Hai Koi, Aisa Lagta Hai Ki Hoor Hai Koi - Waqt Ne Kiya Kya Hasi Sitam - Zindagi Channel


रब

रब, फिर से उसका बूत बना दे रोमिल के लिए
वोह तमाम उम्र बिताना चाहता है सजदे के लिए...


रब, सिक्के के तरह न उछाला करो,
यह मेरे ज़िन्दगी है,
गम और ख़ुशी का खेल नहीं!

RRSA

Monday, 23 March 2015

Sona...

Ki raaton mein Dua padh ke Sona...
Meri tasveer ko apne takiye ke neeche rakh ke Sona...
Bhej do kuch Ruhani Ehsaas... ki mujhe bhi neend aa jaye...
Kuch ehsaan is dil-e-phek aashiq pe karke Sona....

RRSA...

ऐसा नहीं है की वोह मुझे याद नहीं करता

ऐसा नहीं है की वोह मुझे याद नहीं करता मियां  
लेकिन यह सच है जरुरत होने पर...


यह इंसान की फितरत है मियां
इसमें तेरा कोई कसूर नहीं
होंठों की प्यास बुझ जाये तोह मिठास नहीं रहती!

RRSA

Sunday, 22 March 2015

Kisi roz namazon mein mujhe maang kar do dekho

Kisi roz namazon mein mujhe maang kar to dekho...
Main sadiyon se tumhara hi hoon... puqaar ke to dekho...

Beete dino ki raakh dabi padi hai ismein...
Kabhi is dil ki ghathari ko khol ke to dekho...

Saare masle... saari galat fehmiyan... saare gile-shikve door ho jayenge...
Kabhi Rab par aitbaar rakh... Sach bol ke to dekho...

Tumhare liye bhi hai hazaron rahein qamyabi ki...
Kabhi himmat kar ghar ki dehleez laang kar to dekho...

RRSA

Saturday, 21 March 2015

Vakalatein karna bahut aasan hai

Vakalatein karna bahut aasan hai Miya...
Majbooriyan bhi to samajhana aana chahiye...

Kisaan to beete 60 saalon se aatmahatya karta aa raha hai...
Ab is ishthitii ko badalna chahiye...kuch to badlaav ke liye qadam utane chahiye...

RRSA

Dil-E-Nadaan Last Episode - Sweet n Happy Ending - Zindagi Channel


Friday, 20 March 2015

Aankhein band kar lene se...

Aankhein band kar lene se manzar nahi badal jaate...
Kuch haqeeqaton ka samna aankhon mein ashk bharkar bhi karna padta hai...

aur

Baaton mein uljhana seekh gai ho.
Jarur kuch na kuch tum ban jaogi... Jhoot bolna jo seekh gai ho...

RRSA

Thursday, 19 March 2015

Qatal...

Yahi koi 8-9 saal purani baat hai...
Bada masoom sa ladka tha...
Apni dhun mein rehta tha...
Baat-Baat par hasta rehta tha...
Chhoti si baat par mooh-fhula liya karta tha...
Ul-Jalul si shayariyaan kiya karta tha...
Dosti ki jab baat karo to Naaz...Naaz...Naaz...karta tha...
Sapne bunte rehta tha...
Sabko khush dekhana chahta tha...
Kisi ka dil na dhuke uski baaton se... isliye sorry.... sorry... sorry... kehta rehta tha...
Kisi bhi anjaan ajnabi ke liye Rab se lad-jhagad leta tha...
Tha RaJ... magar na tha jiske dil mein koi RaJ...
Bebaak...Dil Se... har ajnabi se baat kar leta tha...

Logon ne badi bereshami se us masoom ka qatal kar diya...

RRSA


Wednesday, 18 March 2015

Abhi to aashiq hun...

Abhi to aashiq hun, aapse hi nahi milti fursat mujhe... 
Nazarein kya dekhunga...
Magar dhyan rahe...
Shauhar banne ke baad aksar mard bewafa ho jaate hai...

RRSA

Tuesday, 17 March 2015

Yaqeen...

DELETE

Saare faisale to Khuda Karta Hai...

Kaun miya... kiske liye kuch karta hai...
Saare faisale to Khuda karta hai... 

Hum bas taqdeer, haalaton ko kosate rehte hai...
Magar asli kahani to woh upper baitha Rab likhata hai...

Ammi kehti thi...
Allah ka khauf...
Bande ko gunah se door rakhata hai...

Betiyaan to Allah ka tohfa hoti hai...
Bas betiyon ke naseeb se darr lagta hai...

Jo deta hai kaante....
Woh Allah khushiyon se daman bhi bharta hai...

RRSA

Monday, 16 March 2015

इश्क जिनसे करते है तोह उम्र भर निभा लेते है...

हम गरीबी में भी मोहब्बत का मज़ा ले लेते है
इश्क जिनसे करते है तोह उम्र भर निभा लेते है...
*
छत से टपकता रहता है पानी सारी रात
किसी कोने में बैठ कर हम 
एक दूसरे की बाहों में नींदे ले लेते हैं...
इश्क जिनसे करते है तोह उम्र भर निभा लेते है...
*
एक कमरा
एक चारपाई  
एक रजाई 
एक कटोरी
एक चम्मच
एक पलेट में जीवन बिता देते है
इश्क जिनसे करते है तोह उम्र भर निभा लेते है...
*
टीवी, रेडियो न पास हो तोह
खुद ही बजा, 
खुद ही गुनगुना लेते है
इश्क जिनसे करते है तोह उम्र भर निभा लेते है...
*
अपने आँचल में हो चाहे कितने भी गम
हमसफ़र के होंठों पर मुस्कान सजा देते है
इश्क जिनसे करते है तोह उम्र भर निभा लेते है...

RRSA

Sunday, 15 March 2015

Kahin shabdon ki kheecha-tani mein...

Kahin shabdon ki kheecha-taani mein aisa na ho jaye...
Tum-hum ho aamne-samne aur nazarein bhi na mila paye...

Ek naam ko Rab se bhi jyada pooja hai humne...
Aarzoo itni hai, bas isi naam mein apni zindagi simat ke reh jaye...

Aksar raat mein, main yeh sochata hoon...
Rab mein aur mujhmein yeh itni kaha-suni kyon hai?
Kyon na ek din baithkar, aamne-samne saare masle suljha liye jaye...

Rab mere do tukade kar dein...
Mere khawaish hai... koi mujh jaisa bhi ho is teri qaynat mein...
Jo mujhmein samane paaye... Jo mera hone paaye...

RRSA

Saturday, 14 March 2015

तेरी तलाश का सफ़र जारी हैं अब तक...

तेरी मेहंदी का नशा जारी हैं अब तक
मैं शराबी हूँ तेरा अब तक...
*
तेरी चूडियो की खनक मेरी नींद उड़ाई हुई हैं अब तक
मेरे खवाबो का महल जारी हैं अब तक...
*
यूँ ही तुझे साडी में लिपटा देखता हूँ अब तक
मैं तेरा दीवाना हूँ अब तक...
*
किससे पुछू तेरा नाम-ओ-पता
तेरी तलाश का सफ़र जारी हैं अब तक...

RRSA

Friday, 13 March 2015

इंसान खुद को खुदा समझता हैं...

मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं...
इंसान खुद को खुदा समझता हैं...
मत करो उससे ईमान की बात यारों
जो महबूब के सजदे में सर झुकाए रहता हैं...
मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं.......

एक खूबसूरत शेर हैं गौर फरमाइएगा
"लोग न जाने क्या क्या बातें करते हैं
उसके क़दम तो खुद-ब-खुदा इबादत के लिए चलते हैं..."


क्या करना उससे शिकवा, क्या बातें यारों
जो उपर-उपर हसता हैं, अन्दर अन्दर रोता हैं...
साहिल पर रहने वाले आखिर क्या जाने
तूफानों में कौन डूबता हैं, कौन उभरता हैं...

मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं...
इंसान खुद को खुदा समझता हैं...

होश में ऐसा आये तोह यह कैसा आये
जो दूसरों का हाल देख कर भी नहीं संभलता हैं...
बेवफाई पर भी दुआ हाथ के लिए उठ जाये
मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं...
इंसान खुद को खुदा समझता हैं...
इंसान खुद को खुदा समझता हैं...

RRSA...

Thursday, 12 March 2015

Tere qadmo mein...

Meri Ammi ke liye roz duaien padna...
Subah hote hi... mere maathe ko chumkar...dua padne ke baad tera woh apne hoonton se mere chehare par halki-halki hawan fhekana...
Mere faisalon ke saath tera khade rehna...
Woh chehara dekhate hi mera... Gusse ki wajah jaan jaana...
Na koi gila... na koi shikwa... na koi shikayat... bas mujhpar apna pyar lutate jaana...

Yeh saari baatein teri... mera sar tere qadmo mein jhuka dene par majboor kar deti hai...

RRSA

Timepass

Timepass...

Wednesday, 11 March 2015

Aise hi...

Jo mera hai, use main Khuda se kyon maangu...
Yeh haq ki jung hai...
Haaton mein talvar lekar khairaat kyon maangu...

aur

Chalo... milkar aisi Dua padi jaye...
jisse Khuda ko bhi apne Haq mein faisala karne par majboor kar diya jaye...

RRSA

Monday, 9 March 2015

Thaka Thaka Sa Hoon...

Thaka thaka sa hoon...
Ab mujhe so jaane do...

ya fir apne ishq se mujhe zinda kar do...
ya fir kabr ho jaane do...

RRSA

Sunday, 8 March 2015

Kitabon se fursat mile...

Mohtarma... Kitabon se fursat mile to kabhi is dil ke panne bhi palat ke padh lo...
kai  khawaishein... kai aarzoo... kai armaan likhe pade hai...

Earphone lagakar befaltu ke suna karti ho filmy nagame...
kabhi is dil ki dhunein... nagame bhi to sun liya karo...

RRSA

Saturday, 7 March 2015

Eh Janam Tumhare Lekhe...

Excellent movie.... Touching movie... please watch d movie.... and also buy only original DVD....

Kaun si nai baat ho gai...

Miya... Ghar ke lafde to suljhaye nahi jaate...
Kaun desh ke lafdon mein pade...

Kaun si nai baat ho gai jo documentary ban gai...
Yeh wahi desh hai jahan honour killing ke naam par ishqjaade hai maare jaate...
Beti ke insaaf  ke liye budhe maa-baap saalon tak court-kachari ke chakkar hai lagate...yaar apne mohalla ka aaishiyana case aaj tak court mein chal raha hai..
Ek BPL card ya pension scheme ke liye bujurg bechare dhakke hai khaate....

Kaun si naibaat ho gai...
Jahan Shaadi ek status symbol banke reh gai hai....kaun kitna jyada shaan-shaukat se shaadi karta hai...
Mohabbat ek used condom ki tarah hai... Jiske pass boyfriend ya girlfriend nahi uski to koi value hi nahi...
Jahan sirf mahapurshon ke naam par bas yojana hi banai jaati... 

Choodo Miya... Kaun si nahi baat ho gai...

RRSA

Friday, 6 March 2015

Aise hi...

Miya... yeh jo majboriyan hoti hai... bade se bade faisale laine ki himmat de jaati hai...

Miya... Ek sawaal ke kai maiyne hote hai... Maiyne samajhana hi jawab dene wale ki qabiliyat par nirbhar hota hai...

Ishq-e-kitab...

Yeh jo Ishq-e-kitab... iske sab panne bikhar se gaye hai...
Samaj nahi aata kaun sa sira kisse jodun...
Ek hi chehare ke kai naam hai...
Kai log ek hi naam se milte hai mujhse...
Sach chhupa sa hua hai... Ek jhoot ko chupane ke liye dusara jhoot bola ja raha hai...
Ek kadi mein nahi bandh pa rahe hai yeh sab panne...

Yeh kaisi ishq-e-kitab hai... jahan dil apne mehboob se sach bolne se darta hai...
Jisme sirf haasil kar lena hi mohabbat hai...
Jisme sirf jitane ka hi junoon hai...

Aisa lagta hai Satya, Tyagh, Samarpan ke panne jaane kahan kho gaye hai...
Waafa ka to door-door tak naam-o-nisha nahi hai...

Yeh ishq-e-kitab adhuri hai...
iske kai panne sanam ke pass hai, jo mujh tak pahuchane abhi baaki hai...

Waqt kam hai... Kitab adhuri hai... dafan na ho jaye kahin yeh kitab... bas is baat ka darr hai....

RRSA

Thursday, 5 March 2015

Dosti ke rang se saji tasveer ho tum

Dosti ke rang se saji tasveer ho tum

meri sabse keemati jageer ho tum!
***
Chota sa gulal ka teeka main tujko lagau
Apne haaton se tujhko gujiya khelau
Karu phoolon ki barkha
Haaton ko mehandi se sajau!
***
Aa mere haanton ka sunapan meta de
Aa mere haanton ko bhi rangon main bheegho de
Sadiya beet gaye hain Holi khele hue
Aa mujhe dosti ke rang se nehla de...

RRSA

holi ke mausam main jab log holi khela karte hain

holi ke mausam main jab log holi khela karte hain
hum chaat par akele baithe tumko yaad kiya karte hain...
~~
pani se jab log, ek-dusare ko bhegoya karte hain
hum aansooyon se khud ko bhego liya karte hain...
~~
rangoon se jab log chehare ko ranga karte hain
hum rangon main teri tasveer dhundha karte hain...
~~
jab shaam hoti hain
chand bhi tanha akela hota hain
hum chupe-chupe chaat par baithe
chand sang holi khela karte hain...
~~
holi ke mausam main jab log holi khela karte hain
hum chaat par akele baithe tumko yaad kiya karte hain...

RRSA

आज भी लोग पागल समझते है

आज भी आधा बिस्तर खाली छोड़ कर सोता हूँ तेरे लिए
आज भी चारपाई के सरहाने सुरहाई में पानी भरकर रखता हूँ तेरे लिए
आज भी मेज की पहली दराज़ में टूटा हुआ चश्मा, दूर की नज़र वाला रखा हुआ है तेरे लिए
आज भी चारपाई के सामने वाली खिड़की पर वही नीले सितारों रंग वाला पर्दा लटका रखा है तेरे लिए 
आज भी गुलदान में गुलाब के फूल सज़ा कर रखता हूँ तेरे लिए
आज भी मेज के किनारे तेरी पसंद की किताबें रखी है तेरे लिए
आज भी घर से निकले से पहले खाली फ़्रेम पर फूल चढ़ाना नहीं भूलता हूँ तेरे लिए...


आज भी लोग राज को पागल समझते है
आज भी मुस्कुराकर सबके सवाल ताल जाता हूँ
आज भी... तेरे लिए...

Wednesday, 4 March 2015

aankhon se yeh lal rang mere khoob behata hai...

aankhon se yeh lal rang mere khoob behata hai...
jab maa ki yaad aaye to yeh mera dil bahut rota hai...

abeer-gulal ka tika lagau maa ko...
pair chhukar, unka ashirwad loon...
garma-garm maa ke haaton se gujiya khaane ka mann hota hai...

RRSA

मुखौटा

यह पागलपन का कैसा अज़ीब मुखौटा तुमने लगा रखा है
हँसी के पीछे यह कैसा दर्द छुपा रखा है
कहते हो कोई रिश्ता नहीं है मेरा अब उससे 
फिर क्यों तुमने यह लुप्पा-छिप्पी का खेल रचा रखा हैं... 

Tuesday, 3 March 2015

BPL ke thappe

Miya... Kaun si badi baat ho gai...
Bas yahi sochata hoon...

Kahi yeh BPL ke thappe ke saath hi na marr jaye...
Itni saari na banao sarkari yojanayein ki bechara ussi mein na ulajh ke reh jaye...
National Food Security... Haq hai BPL ka... Sabka... koi bheekh nahi...
Magar yeh bhi mujhe.... sirf files par hi chalti hui nazar aaye....
Kehte hai PM sahab MNREGA... vipaksh ki asafaltaon ka smarakh hai...
PM Sahab... Itne bade padh par sansad mein baithe ho... Is tarah kisi Rastriya Pariyojana ka apmaan to na kiya jaye...
aur
Apne Pote... ki shaadi mein baha diya rupiya pani ki tarah Neta ji ne...
Kuch log dus lakh ka suit pehante hai mehmano ko dikhane ke liye...
Sochata hoon Romil.... fir kyon yeh log
Ek dhoti wale Gandhi ya Lohia ke naam ke jaikaale lagaye...

Chhodo Miya...
RRSA...

Monday, 2 March 2015

PTC PUNJABI FILM AWARDS 2015 - MY VOTES

1. Best Film - Punjab 1984

2. Best Actor - Diljit Dosanjh - Punjab 1984

3. Best Actress - Neeru Bajwa - Proper Patola

4. Best Director - Anurag Singh - Punjab 1984

5. Best Story - Punjab 1984

6. Best Music Director - Gurmeet Singh/ Jatinder Shah/ Nick Dhamu/ Gurmoh - Punjab 1984

7. Best Lyricist - Jagvir Sohi - Rangrut  - Punjab 1984

8. Best Playback Singer (Male) - Feroz Khan - Hathan Vich - Mr. & Mrs. 420 OR Diljit Dosanjh - Swah Banke  - Punjab 1984 - Both

9. Best Playback Singer (Female) - Harshdeep Kaur - Lori  - Punjab 1984

10. Best Performance in Comic Role - Jaswinder Bhalla - Mr. & Mrs. 420

11. Most Popular Song of the Year - Channo - Punjab 1984 - Diljit Dosanjh

29/- Rupiya Ki Thali...

Miya... kaun si badi baat ho gai...

Jo hamare desh ke Sansadon ko 29/- rupiya mein bhojan thali milti hai...

Are jis desh mein Bhagwano ko chhadave mein dudh-dahi-shehad-ghee milta hai...

Usi desh mein medium class 30/- rupiya mein 1 kg. Aata pata hai aur
bechara garib insaan sukhi roti kha-kha kar marr jaata hai...

Chhodo Miya...

RRSA

Tumhare mooh mein yeh kaun se davai rakhi hai...

Badi befikri se... muskurate hue
Sach bolte ho... 
Miya... tumhare mooh mein yeh kaun se davai rakhi hai...

Khud ke aaina se rubaru hokar dil toot jaata hai logon ka

Yeh sach bolne ki tumne kaun si bimari paal rakhi hai... 

Ammi kehti thi... Hamesha haalaton ko kasoorwaar mat therao...
Utho... Khade Ho... Ladoo... Haalaton ki kyon tumne bediya baand rakhi hai...

aur

Seedhe-seedhe inkaar karne ki kya jarurat thi... 
Aaj janamdin tha uska...
Use yeh bhi to keh sakte thi ki... aaj mere pyar le lo... kal tohfa le lena...
Itni chhoti si baat hai... tumne kyon baat bada rakhi hai...

RRSA

Sunday, 1 March 2015

seedhi si baat hai

seedhi si baat hai inmein ghumana kaisa...
na hi mere pass koi naukari hai 
na hi mere jeb mein rupiya hai
na hi mere tohfa de sakne ke haalat hai...

waise main seedhi... aur do tuk baat karna pasand karta hoon... 

Tohfa...

Samaj nahi aata tujhe kya tohfa dun...
Mera pass bas likhi padi ek adhuri apni zindagi-e-kitab hai...
Jis par waqt ki dhul jami hui hai... 
Panno se bhi taqdeer-e-siyahi mitane lagi hai...
Tu agar mujhe apna paata bata de to main ise hi bhej dun...

Aur tujhe main kya tohfa dun...

Ya fir... Kisi roz mere sar ko apni goad mein panah do...
Apne haaton se mere maathe par khelo... kabhi mere baalon par haath fheron...
aur Main tumhein apni adhuri kahani sunau...

Ya fir... Tum rakho apna sar mere kandhe par... 
haaton mein haath ko thame aur main tumhein apni adhuri kahani sunau...

Aur kya tohfa dun...

Ya fir... Kisi coffee shop mein aamne-samne baithkar...
Plate mein coffee cup nachate hue... Ya... Coffee cup mein spoon ghumate hue...
Main tumhein apni adhuri kahani sunau... 

Aur kya main tumhein tohfa dun...

Bas yeh zindagi-e-kitab hai...
Tu bol ise kaise tere samne pesh karu... Kaise tujhe beth karun...
Ya... Tu apna pata hi SMS kar dein main tujhe yeh bhej dun...

RRSA