Saturday, 25 July 2015

|| भविष्यफल || Horoscope ||

||  विस्तृत भविष्यफल  ||
चरित्र
आप एक संवेदनशील एवं भावुक व्यक्ति हैं। जीवन कीकठनाइयों का आप पर अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा प्रभाव पड़ता हैपरिणामस्वरूप आप जीवन के कुछ सुखद पल खो देते हैं। दूसरों द्वार कही गयींबातों को आप दिल पर ले लेते हैं। अतः कुछ एसी बातें है जो आपको दुःख देतीहैं परन्तु उस पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिये।आपके कार्य करने का तरीका शान्तिपूर्ण है,परिणामस्वरूप आप अपने सहकर्मियों की नजर में इच्छाशक्ति-युक्त एवंदृढ-निश्चयी प्रतीत होते हैं। यह आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करने में आपकीमदद करता है।आप बोलने से अधिक सोचते हैं और आपका यह चिन्तनतार्किक होता है। लोग आपसे सलाह मांगने इसलिये आते हैं क्योंकि आपका निर्णयपालन करने योग्य और निष्पक्ष होता है।आपमें अनेक उत्तम गुण हैं। आप एक सहानुभूतिपूर्णमनुष्य हैं, जोकि आपको एक अच्छा मित्र बनाता है। आप अनुरागी व देशभक्तहैं, यही कारण है कि आप एक अच्छे नागरिक भी हैं। आप प्यारे माता/पिता होंगे।आप अपने माता-पिता की इच्छानुसार कार्य करेंगे। निश्चय ही आपकी ये अच्छाइयांदूसरों पर भारी पड़ेंगी।
सौभाग्य व संतुष्टि
आप साहसी व महत्वाकांक्षी हैं। आप अपनी योजना पूर्णकरने के लिये जोखिम लेने से नहीं घबराते। आप बहुत क्रियाशील व्यक्ति हैं वऔरों को भी क्रियाशील बना देते है। आप एक व्यस्त व्यक्ति हैं और सदैव हीरचनात्मक कार्य करते रहते हैं। आप अपनी ऊर्जा का गलत प्रयोग नहीं करते हैं। यदिआप अपनी कार्य-योजना से सन्तुष्ट नहीं होते हैं, तो उसे परिवर्तित करनेसे नहीं घबराते।
जीवन शैली
आपकी सफलता में आपके सहकर्मी प्रेरणा का काम करतेहैं। अतः अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए आप अन्य लोगों पर निर्भर रह सकतेहैं।

रोजगार
आप अपने कर्तव्यों को गम्भीरता पूर्वक लेते हैं,परिणामस्वरूप आप महत्वाकांक्षी हैं और आपके वरिष्ठकर्मी आपको अतिरिक्तजि़म्मेदारी देंगे। अतः आपको अपने भविष्य के लिये नेतृत्व से जुड़ा क्षेत्रचुनना चाहिए।
व्यवसाय
ऐसे कई कार्यक्षेत्र हैं जहाँ आप सफल हो सकते हैं।ऐसा कोई भी कार्य, जिसमें परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ती है आपकी क्षमताओं केभीतर है, क्योंकि आप शीघ्र सीखने वाले हैं और सफलता के रास्ते की कठनाइयांआपको परेशान नहीं करती हैं। आप एक उत्तम पत्रकार हो सकते हैं, अच्छे गुप्तचर भीहो सकते हैं। आपकी सूक्ष्म समझ विभिन्न कार्यो में उपयोगी है।
स्वास्थ्य
आपकी स्वास्थ्य-संरचना बहुत अच्छी है, लेकिन आपस्नायु-विकार एवं अपच से पीडि़त रह सकते हैं। पहले का कारण आपकी ज़रूरत सेज़्यादा सम्वेदनशील प्रकृति है। आप अपेक्षाकृत शीघ्रता से अपनी जीवन-ऊर्जाखो देते हैं; और वह जीवन, आप जिसका आनन्द लेते हैं, इसमें आपकी कोई मददनहीं करता। अतिभोग, अपच का मुख्य कारण है। अपच का मुख्य कारण अधिकता में लियागया भोजन है। जो आप खाते हैं, या तो वह वहुत भारी होता है या दिन मेंबहुत देरी से लिया हुआ होता है।

रुचि
‘आउटडोर‘ आपके खाली समय का अधिकांश भाग लेताहै और आप इसे बहुत ही लाभदायक पाते हैं। लेकिन डर यह है कि आप उसे ज़रूरत सेज़्यादा कर सकते हैं तथा अपनी शारीरिक संरचना को क्षति पहुंचा सकते हैं। आपखुले में घूमना पसन्द करते हैं, अतः यदि आपको घुड़सवारी आकर्षित नहींकरती है तो यह निश्चित है कि आप तेज़ मोटरिंग या सम्भवतः ट्रेन में लम्बी यात्रापसन्द करते हों। आप पुस्तकों अथवा शैक्षिक यात्राओं से स्वयं को शिक्षित करनेमें रुचि रखते हैं। सम्भवतः इस प्रयास के द्वारा आप ज्ञान से अधिक सन्तोषप्राप्त करते हैं।
प्रेम आदि
प्रेम आपके लिये भोजन की ही तरह आवश्यक है। आपकेअन्दर गहरे लगाव का विशेष गुण है, जोकि आपको एक बेहतरीन जीवनसाथीबनाता है। आपको अपने से निम्नवर्ग के व्यक्ति से विवाह नहीं करना चाहिए, क्योंकिआपमंे इस तरह के संयोग को सफल बनाने की सहनशीलता नहीं है। आप अत्यधिकसम्मोहक हैं और कलात्मक व्यक्तियों के साथ सम्बन्ध तलाशते हैं।
वित्त
वित्त संबन्धी मामलों में, आपको किसी बात की चिन्ताकी आवश्यकता नहीं है। आपके मार्ग में कई सुअवसर आएंगे। आप शून्य से भी काफीकुछ बना सकते हैं, बड़ी एवं उतार-चढ़ाव वाली योजनायें, आपका एकमात्रजोखिम हैं। वित्त के सम्बन्ध में आप अपने मित्रों के लिये, यहंा तक कि स्वयं केलिये एक पहेली होंगे। आप अपने धन का असामान्य तरीकों मे निवेश करेंगे।सामान्य तौर पर, आप पैसा बनाने में सफल रहेंगे मुख्यतः जमीन, घर, अचल सम्पत्तिसे जुडे हुए क्षेत्रों में।

लग्न कुंडली

          
          
         
            
            
            
       
            
            
          
      
            
            
        
            
            

कालसर्प दोष / योग - कालसर्प उपाय

कालसर्प योग उपस्थित नहीं है|

प्रचलित परिभाषा के अनुसार जब जन्म कुंडली में सम्पूर्ण ग्रह राहु और केतु ग्रह के बीच स्थित हों तो ऐसी स्थित को ज्योतिषी कालसर्प दोष का नाम देते हैं। वर्तमान में इस दोष की चर्चा ज्योतिषियों के मध्य जोरों पर हैं। किसी भी जातक के जीवन में कोई भी परेशानी हो और उसकी कुण्डली में यह योग या दोष हो तो अन्य पहलुओं का परीक्षण किए बगैर बहुधा ज्योतिषी यह निष्कर्ष सुना देते हैं कि संबंधित जातक पर आने वाली उक्त प्रकार की परेशानियां कालसर्प योग के कारण हो रही हैं। परंतु वास्तविकता यह है कि यदि कुण्डली में अन्य ग्रहों की स्थितियां ठीक हों तो अकेला कालसर्प दोष नुकसानदायी नहीं होता। बल्कि वह अन्य ग्रहों के शुभफलदायी होने पर यह दोष योग की तरह काम करता है और उन्नति में सहायक होता है। वहीं अन्य ग्रहों के अशुभफलदायी होने पर यह अशुभफलों में वृद्धि करता है। अत: मात्र कालसर्प दोष का नाम सुनकर भयभीत होना ठीक नहीं है बल्कि इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करवाकर उससे मिलने वाले प्रभावों और दुष्प्रभावों की जानकारी लेकर उचित उपाय करना श्रेयष्कर होगा। इस मामले में सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि इस योग का असर अलग-अलग जातकों पर अलग-अलग प्रकार से देखने को मिलता है। क्योंकि इसका असर किस भाव में कौन सी राशि स्थित है और उसमें कौन-कौन ग्रह बैठे हैं और उनका बलाबल कितना है, इन विन्दुओं के आधार पर पडता है। साथ ही कालसर्प दोष या योग किन-किन भावों के मध्य बन रहा है, इसके अनुसार भी इस दोष/योग का असर पडता है। भाव स्थिति के अनुसार इस योग या दोष को बारह प्रकार का माना गया है।
परिणाम: आपकी कुण्डली कालसर्प दोष / योग से मुक्त है।
||  मंगलदोष विवेचन  ||
मंगलदोष विवेचन

व्यक्ति मांगलिक(निम्न) है|


सामान्यत: मंगल दोष जन्म-कुण्डली में लग्न और चन्द्र से देखा जाता है।

आपकी कुण्डली में मंगल लग्न से सप्तम भाव में व चंद्र से दशम भाव में है।
अत: मंगल दोष लग्न कुण्डली में उपस्थित है और चंद्र कुण्डली में उपस्थित नहीं है।
ऐसा माना जाता है कि मंगल दोष वैवाहिक जीवन में समस्याएँ खड़ी करता है।
ऐसा माना जाता है कि अगर एक मांगलिक व्यक्ति दूसरे मांगलिक व्यक्ति से विवाह करता है तो मंगल दोष रद्द हो जाता है।

ग्रह शांति (अगर मंगल दोष उपस्थित हो तो)

उपाय (विवाह से पहले किए जाने चाहिए)

कुंभ विवाह, विष्णु विवाह और अश्वत्थ विवाह मंगल दोष के सबसे ज़्यादा मान्य उपाय हैं। अश्वत्थ विवाह का मतलब है पीपल या बरगद के वृक्ष से विवाह कराकर, विवाह के पश्चात् उस वृक्ष को कटवा देना।

उपाय (विवाह पश्चात् भी किए जा सकते हैं।)
  • केसरिया गणपति अपने पूजा गृह में रखें एवं रोज़ उनकी पूजा करें।
  • हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • महामृत्युंजय का पाठ करें।
उपाय (ये लालकिताब आधारित उपाय हैं जोकि विवाह पश्चात् किए जा सकते हैं)
  • चिड़ियों को कुछ मीठा खिलाएँ।
  • घर पर हाथी-दांत रखें।
  • बरगद के पेड़ की पूजा मीठे दूध से करें।
नोट: हमारा सुझाव है कि इन उपायों को करने से पूर्व किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह ले लें।



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