Monday, 1 February 2016

गौतम बुद्धा... शिवा...

गौतम बुद्धा... शिवा... बड़ा ही रोचक लगता है.... 

एक जिसके पास धन-सम्पदा, राज-महल, खूबसूरत पत्नी, पुत्र.... यानि की सब सांसारिक सुख... फिर भी वह सब कुछ त्याग कर बैराग जीवन अपना लेता है...

एक तरह शिवा जो बैरागी होते हुए भी, सांसारिक जीवन अपना लेते है... कभी पार्वती माता उनपर प्रेम दिखाती है, तो कभी देवता उनसे सांसारिक जीवन अपनाने के लिए प्रार्थना करते रहते है... कामदेव तो उनपर प्रेम का तीर भी चला देते है... हा हा हा 

इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि सांसारिक जीवन उच्च है या फिर बैरागी जीवन... 

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