Saturday, 19 March 2016

दिल में आरज़ू हो जिसकी वोह चाँद नहीं मिलता!

किसी को मन चाही मंजिल नहीं मिलती
किसी को कारवां नहीं मिलता,
दुनिया में इंसान तो मिल जाते है,
मगर कोइए अपना नहीं मिलता,
आसमान में तारों की तरह बिखर जाते है अरमान इस दिल के,
दिल में आरज़ू हो जिसकी वोह चाँद नहीं मिलता!
वोह चाँद नहीं मिलता!

- Sun

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