Friday, 29 December 2017

संसद में हमारे शहीद जवानों की शहादत की कम, पाकिस्तान की ज्यादा बात होती है...

संसद में हमारे शहीद जवानों की शहादत की कम
पाकिस्तान की ज्यादा बात होती है... 
फांसी पे झूलते किसानों की कम
रूपया खाए सेठों और रूपया लेकर भागे भगोड़ों की ज्यादा बात होती है...

दहेज़ की आग भी जलती हुई बेटियों की कम 
तलाक़ की ज्यादा बात होती है...
ईमानदारी से टैक्स भरते लोगों की कम 
घपलों, घोटालों की ज्यादा बात होती है... 

संसद में हमारे...

- सन

पहले में अपने शत्रुओं की गाली का जवाब गाली से देता था और अब शुभकामनाओं वाले एस.एम.एस. से देता हूँ...

पहले में अपने शत्रुओं की गाली का जवाब गाली से देता था
और अब
शुभकामनाओं वाले एस.एम.एस. से देता हूँ...   

जवाब देने की मेरी आदत नहीं बदली...

रोमिल-सनी-सुल्तान...राज


षड्यंत्र, लोभ, लालच त्याग दे

पवित्र आत्मा "नाज़" मुझसे कहती है कि सुल्तान तुम अपने शत्रुओं के लिए भी उस परम प्रधान परमेश्वर से प्रार्थना किया करो कि वोह उन पर अपनी कृपा करें। ताकि वह भी यह षड्यंत्र, लोभ, लालच त्याग दे और यह जो षड्यंत्र का पर्दा उन पर परमेश्वर ने चढ़ाया हुआ है उसको हटा दे और अपने दरबार में उनको भी जगह दें...  

- सुल्तान
       

मीठे जल से भरा सागर...

मीठे जल से भरा सागर... 

कहते है यह जुबान, जो आशीर्वाद भी दे सकती है और श्राप भी... परन्तु सत्य यह नहीं है, क्योंकि सागर या तो मीठे जल से भरा हो सकता है या फिर खारे जल से भरा... 

आम का पेड़, आम ही देता है वह भी मीठे... अनार या शहतूत नहीं देता है... यह प्रकृति की देन है... अब आप चाहे तो प्रकृति से खिलवाड़ कर सकते है... 

इस जुबान को मीठे  सागर वाला ही रहने दे तो अच्छा है...

- सन

Wednesday, 27 December 2017

छड़ी को खटखटाकर ज़मीन पे अम्मा बोली, आज घूमने चलेंगे...

माँ, छड़ी को खटखटाकर ज़मीन पे 
अम्मा बोली, आज घूमने चलेंगे... 
जो राज़, इस राज ने अपने दिल में छुपा रखे है... 
उसको आज खोजने चलेंगे... 

अम्मा बोली, आज घूमने चलेंगे... 

हम भी ज़रा सुने तो... राजा बेटा के दिल में कौन रहता है... 
किसका दर्द इस छोटे से दिल में छुपा रखा है... 
जो तू हर पल बस मुस्कुराता रहता है... 

न तुझे ज़िन्दगी की फ़िक्र... 
न तरक्की की आरज़ू... 
न दौलत की चाहत... 
न कोई सपना, न कोई ख़्वाब, न कोई उम्मीद... 
न कोई रिश्तेदार
न कोई दोस्त-यार
 क्या इस दुनिया में कोई इस तरह भी रहता है?

तू तो हर बात पर मुस्कुरा कर टाल देता है... 
जब देखो तब मुस्कुराता रहता है... बुद्धू...

सुना न... आज तेरा दर्द सुनने को दिल करता है..

- सन

कभी किसी चीज़ के बारे में शिकायत नहीं की...

कभी किसी चीज़ के बारे में शिकायत नहीं की...
सब कुछ ले लिया उससे, मगर उसने कभी वक़ालत नहीं की...
यह घर, जिसमें उसकी माँ की यादें थी...
यह घर ही तो उसका आखिरी ज़िन्दगी-ए-सुकून था..
खुदा तूने यह भी छीनने में देरी नहीं की....

-सन

नया साल आएगा खुशियों के साथ... आमीन !!!

यह साल तो बीत गया ग़म और नफ़रत के साथ... 
नया साल आएगा खुशियों के साथ... आमीन !!!
 
- सन

Sunday, 24 December 2017

सुबह का सूरज खुशीयाली लेकर आता है...

अम्मी मेरी कहती थी... 
सुबह का सूरज खुशीयाली लेकर आता है... 
हवा का झोका ज़िंदगानी लेकर आता है... 
यह फूलों के खुशबू देखो कितने रंग बिखेरती है... 
पंछी की आवाज़ें मधुर संगीत सुनती है... 
सब खुदा का करम है.. 
सब खुदा का नूर है.. 
~*~
अम्मी मेरी कहती थी... 
झूठ से हमेशा दूर रहो... 
हर इंसान से इंसानियत करो... 
सबमें है रब का नूर देखो 
रब के दरबार में अर्ज़ियाँ दो... 
सब रब का करम है.. 
सब रब का नूर है.. 
~*~
अम्मी मेरी कहती थी... 
कोई न सोये भूखा यह दुआ करो... 
हर कोई प्रेम से रहे यह दुआ करो... 
सबको मिले शांति यह दुआ करो... 
फिर न जले यह बस्तियाँ यह दुआ करो... 
सब अल्लाह का करम है.. 
सब अल्लाह का नूर है.. 

- सन

सारे शत्रु एक तरफ

सारे शत्रु एक तरफ 
रोमिल अरोरा एक तरफ... 

सारे कुत्ते एक तरफ...
शेर का पुत्तर एक तरफ...

सारे जासूस, मुखबिर, टट्टू एक तरफ 
ईमानदार एक तरफ...

सारे भ्रष्टाचारी, घूसखोर एक तरफ
गाँधी वाले तक तरफ... 

- रोमिल

सैलरी के टुकड़े फेक कर सोचता है की हर नौकर कुत्ता निकले...

दरख़्त की तन्हाई में खड़ा मैं सोचा करता हूँ... 
कि ज़िन्दगी के अरमान भी कैसे, किस तरह निकले... 

प्राइवेट नौकरी है, दौलत का घमण्ड उसके सर पर सवार है... 
सैलरी के टुकड़े फेक कर सोचता है की हर नौकर कुत्ता निकले... 

सोचता हूँ, खुद को बेच दूँ... 
आशियाना ईमानदार, स्वाभिमान का फूँक दूँ... 
शायद यही अल्लाह को मंजूर हो... हम बेवफा ज़िन्दगी के लिए... बेवफा निकले...

- सन

जब गलियों में बिखरे हुए मिल जाते है मुझे मखाने

जब गलियों में बिखरे हुए मिल जाते है मुझे मखाने
मैं समझ जाता हूँ... 
कोई खुदा का प्यारा, खुदा को प्यारा हो गया...

हाहाहा 

- सन 

Friday, 22 December 2017

इन किताबों को बोझ मत कहो...

मियां, इन किताबों को बोझ मत कहो... 
यह मेरी बाँहों में, मेरी पीठ पर महबूबा सी लिपटती है... 

- सन

जिन घरों से बुजुर्गों की रौनक़ है चली जाती...

अम्मी मेरी कहती थी... 

जिन घरों से बुजुर्गों की रौनक़ है चली जाती...
लाख जला लो दिया,
मग़र उन घरों से वीरानियाँ नहीं जाती... 

- सन

LAKH LAAHNTA - RAVNEET (Full Song) Gupz Sehra | Mawin Singh | Latest Punjabi Songs 2017 | Juke Dock


Song - LAKH LAAHNTA 
Singer - RAVNEET 
Lyrics - SUKHI DIGOH 
Music - GUPZ SEHRA 
Starring - SHEHNAAZ GILL 
Label :- JUKE DOCK

Wednesday, 20 December 2017

सच... चाहे खूबसूरत सी तस्वीर लगा लो...

सच 

चाहे खूबसूरत सी तस्वीर लगा लो... 
चाहे मीठे बोलों से खुद को सजा लो... 
चाहे सोना, हीरे, जेवरात से खुद को ढाँप लो...
चाहे मेरे कदमों में रुपयों, जायदाद का ढेर लगा लो...

फिर भी मुझे नहीं पा सकोगी...
पर तुमसे मुहब्बत थी, है और रहेगी... 

मैने पहले ही तुमसे कहाँ था... 
"तुमसे वफ़ा करूँगा तो माँ का गुनेहगार हो जायूँगा... 
और बेवफाई यह रूह तुमसे करने नहीं देगी..."

- राज

ग़रीब का सिर्फ ग़रीब होता है...

अम्मी मेरी कहती थी... 

ग़रीब का सिर्फ ग़रीब होता है... 
न राम, न रहीम होता है... 

चार ज्ञान की किताबेँ लिखकर वह रब भी अपने घर आराम से बैठा है... 
मैं पूछना चाहती हूँ... ऐ खुदा! क्या इस तरह जिम्मेदारियों का हक़ अदा होता है... 

मैं तो सिर्फ़ इतना ही समझती हूँ... 
किसी गरीब, मजबूर को दो वक़्त की रोटी खिलाने वाला... उसके आँसू पोछने वाला ही असली रब, असली खुदा होता है... 

- सन

Monday, 18 December 2017

ग़रीबी में भी आनंद होता है...

ग़रीबी में भी आनंद होता है...

"कॉलर पकड़ कर घसीटते हुए तुम्हें थाने तक ले जायूँगी..."

नफ़रतों का भी एक क़द होना चाहिए... जुबान कभी भी गंदी नहीं होनी चाहिए...

अम्मी मेरी कहती थी... 

बेटा... नफ़रतों का भी एक क़द होना चाहिए...
जुबान कभी भी गंदी नहीं होनी चाहिए... 

पीठ पे वार तो डरपोक किया करते है... 
बहादुर बच्चे हो तुम, हर वार दुश्मन के सीने पे होना चाहिए... 

बुराई... गुनाह... अश्लील कर्मो से दूर रहो... 
देखना बेटा... खानदान पे... बुजुर्गों की कोठियों पे कोई दाग़ नहीं पड़ना चाहिए... 

इन्साफ-पसंद रहो हमेशा... ईमान वाले बनो...  
किसी शैतान... किसी ज़ुल्मी... के सामने यह सर नहीं झुकना चाहिए... 

- सन

Sunday, 17 December 2017

बस दिल को यह बात समझाने में उम्र गुज़र गई...

मैं चंद रोज़ की मुलाक़ातों में यह बात अच्छी तरह समझ गया था 
कि तुम औरत अच्छी नहीं हो... 
बस दिल को यह बात समझाने में उम्र गुज़र गई... 

- सन  

गरीबी में भी आनंद होता है...

गरीबी में भी आनंद होता है... 

"तुम लोग अपना इंतज़ाम कर लो..." 

Saturday, 16 December 2017

अक्सर महंगे तोहफ़े देने वाले की नियत अच्छी नहीं होती है...

अम्मी कहती थी... 

बेटियाँ... अपना दुःख छुपा लेती है... 
अल्लाह ने इनको सब्र की दौलत बक्शी जो होती है... 

गलतियाँ माफ़ कर दी जाती है बेटा... 
मगर अपमान में माफ़ी की कोई गुंजाइश नहीं होती है... 

न कहना सीखो... हक़ से न कहो... 
शौहर के गुनाह में खुदा की बंदी कभी शरीक़ नहीं होती है... 

बेटा... चंद मुलाक़ातें और इतना महँगा तोहफ़ा... 
अक्सर महंगे तोहफ़े देने वाले की नियत अच्छी नहीं होती है... 

- सन

गरीबी में भी आनंद होता है...

गरीबी में भी आनंद होता है...

मुझे याद है लोकल बेकरी में जो बिस्कुट, रस बनाते समय टूट जाते थे वह थोड़ा सस्ते मिलते है... 

ग़रीबी में भी आनंद होता है...

ग़रीबी  में भी आनंद होता है...

मुझे यह कहने में कोई शर्म नहीं आती, मेरे नाना-नानी किसी ज़ल्लाद से काम नहीं थे... हम ननिहाल में ही पले-बढ़े. 

Thursday, 14 December 2017

मुझे धर्म में मत बाटों...

मुझे धर्म में मत बाटों

मुझे दीवाली पे मिठाई... होली में गुझिया खाने दो... 
ईद पर सेवईयां खाने दो... 
गुरुपुरब पर हलवा खाने दो... 
क्रिसमस पे केक खाने दो... 

भैया... मुझे धर्म में मत बाटों...

- रोमिल

फिर यह मेरी फ़िक्र का दिखावा क्यों?

अगर तुम मेरी जन्मदिन पर 
कूड़े के ढ़ेर से एक कागज़ उठा कर 
उस पर मुबारकबाद के दो शब्द ही लिख देते 
तो मेरे लिए यह तोहफ़ा बेशकीमती होता...
पर तुमसे यह भी न हो सका... 

फिर यह मेरी फ़िक्र का दिखावा क्यों?

- राज

तुम्हारी आदत

यह जो तुम्हारी आदत है न किताब पढ़ के भूल जाने की... 
इसे इंसानो पे मत आजमाया करो तो अच्छा होगा.. 
वरना किसी दराज़ की अकेली क़िताब बन के रह जाओगी...  

वैसे यह आवारागर्दी की आदत जो तुमने पाल रखी है... 
यह खुश रहने की तरक़ीब है 
या फिर 
ग़म को भूला देने का नया सलीक़ा है कोई... 

- सन

शक्कर ढ़ोने वाले बैल को भी खाने में भूसा ही मिलता है...

शक्कर ढ़ोने वाले बैल को भी खाने में भूसा ही मिलता है...

टीपू को गद्दी के लिए बग़ावत करनी पड़ी थी... और युवराज को ख़ुशी-ख़ुशी सिंहासन मिल गया...

टीपू को गद्दी के लिए बग़ावत करनी पड़ी थी... और युवराज को ख़ुशी-ख़ुशी सिंहासन मिल गया...

यही फ़र्क होता है 
माँ और बाप में... 

माँ ख़ुशी-ख़ुशी सब कुछ अपने बच्चों को दे देती है... 
और बाप से हक़ भी छीनना पड़ता है... 

- सन

बेटा...हर दिन तालीम हासिल करो... खूब तालीम हासिल करो...

अम्मी कहती थी... 

ज़मीन-ज़ायदाद का हक़ अब्बा देता है... 
जब अब्बा ही अपना नहीं हुआ... 
तो बेटा... कैसी ज़मीन, कैसी जायदाद, कैसा हक़... 

बेटा... यह लड़ाई-झगड़ा... यह बेहस-बाज़ी... 
यह मोहल्ला में जाकर हंगामा करना... 
यह बुजुर्गों को बैठाकर सुलह-मशवरे करना... 
मैं पढ़ी-लिखी थी... इसलिए मुझसे यह सब नहीं हुआ... 
 
बात दौलत की नहीं... 
अगर मुहब्बत या हौसला-अफ़ज़ाई के दो बोल मिल जाते तो काफी होते... 
यह भी मेरे अपने-मेरी रिश्तेदारों से नहीं हुआ...  

भूखे रहना मंज़ूर है.. 
मगर तुम्हारे अब्बा से कुछ मांगना मेरी तौहीन होगी... 
किसी भी औरत को कभी ज़िल्लत से ज़िन्दगी नहीं जीनी चाहिए... 

बेटा...हर दिन तालीम हासिल करो... खूब तालीम हासिल करो... 
इससे बड़ी कोई दौलत नहीं होगी... 

- सन

Tuesday, 12 December 2017

पानी पर जहाज चल रहे है...

किसान ख़ुदकुशी कर रहे है...  
इंसान बी.पी.एल. के ठप्पों के साथ मर रहे है...   
आलू, प्याज, टमाटर के दाम तो बंधे नहीं बंधते...
लोग भूख से मर रहे है...  
पानी पर जहाज चल रहे है... 

इतनी सारी है सरकारी योजनाएँ
गरीब इसमें उलझ के मर रहे है... 
मनरेगा... बंद पड़ी है फाइलों में
मज़दूर, शहर-शहर, दर-दर भटक रहे है...       
पानी पर जहाज चल रहे है... 

कही दस लाख का सूट.... 
कही इटली में शादी का जश्न... 
फिर क्यों धोती वाले गाँधी के जयकारे लग रहे है... 

छोड़ो मियां...  

- सन

बेटी को तालीम के जेवर पहनाओ...

अम्मी मेरी कहती थी..... 

बेटी को तालीम के जेवर पहनाओ... 
सर ढकना, अदब-तहज़ीब से बोलना सिखाओ... 

डरो नहीं इनके हाथो में तलवार देने से... 
हक़ से जीना, हक़ लेना सिखाओ...

कभी कमरों में न क़ैद रह हँसी इनकी 
इनकी हँसी से कोठियों को सजाओ... 

देखो कभी आने न पाए इनके आँखों में आंसू
इनके सपनों को पंख लगाओ... 
इनकी ख्वाइशों को सर-आँखों से लगाओ... 

बेटी को तालीम के जेवर पहनाओ... 

- सन

Monday, 11 December 2017

अम्मी मेरी कहती थी...

अम्मी मेरी कहती थी... 

बेटी तो अल्लाह का ईमान होती है, 
अल्लाह का पैग़ाम होती है...
पायल जब इनकी आँगन में झनकती है,
तब जाकर कहीं शाम होती है... 

मुस्कान से इनकी... 
हवेलियाँ गुलज़ार होती है... 

बेटी तो अल्लाह का ईमान होती है.... 

लफ़्ज़ों में तहज़ीब,
होंठों में दुआ,
नमाज़ों से कोठियों की सुबह होती है... 
 
बेटी तो अल्लाह का ईमान होती है....

- सन

सूचना

सूचना


मेरे यह ब्लॉग 

https://sunny-raj.blogspot.in/
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https://newchapter-sunny-raj.blogspot.in/

सिर्फ ब्लॉग ही नहीं है, यह बहुत पाक-साफ़ जगह है... यह इबादत की जगह है... यह किसी को पूजने की जगह है.... मैं नहीं चाहता की कोई भी चरित्रहीन यहाँ आये... 

स्वयं-मूल्याँकन करो, अगर तुम घटिया, षड्यंत्रकारी, शातिर दिमाग़, चरित्रहीन, बाजारू, रांड/ रंडी, एक से अधिक के साथ शारीरिक संबंध रखने वाला/ वाली हो तो इन ब्लॉग पर अपना वक़्त जाया न करो...

निवेदन यही रहेगा की कभी भी इन ब्लॉग्स पर न आओ... 

रोमिल अरोरा     

तुम इसे बीमारी कह सकते हो...

तुम इसे बीमारी कह सकते हो... 
पर मुझे आदत है सच लिखने की,
सच बोलने की... 

यह कारें तुम्हारी तुम्हें मुबारक हो... 
मुझे आदत है पैदल चलने की... 

यह हरी कड़क पत्तियों की हवाएँ तुम्हे अच्छी लगती हो... 
पर मुझे आदत है धूप में सोने की... 

बिकना बहुत आसान है,
बिक तो मैं भी सकता हूँ...
पर जो मेरे अंदर ईमानदारी का बुलबुला है, इसे आदत है रह-रह कर बुदबुदाने की... 

- सन   

Sunday, 10 December 2017

माँ की याद जैसे...

माँ की याद जैसे... 

सनी...भालू...
भूने हुए आलू नमक-मिर्च के साथ...
सुबह की पहले चाय, चारपाई पे...
बासी रोटी... घी, चीनी के साथ...
नींबू का आचार...
खीर...
गाजर का हलवा...
पालक-पनीर...

करेला
सरसों का साग-मक्के दी रोटी... 
बोर्नविटा वाला दूध... बादाम...
सेरेलैक
क्रैक्स....
मिल्कबाऱ आइसक्रीम
जॉनसन आयल... 
चहरे पे छोटा सा काजल का टीका
बालों में दो चोटी
हेयर स्टाइल लाइक जेंटलमैन...
कियो-कार्पिन आयल
निक्कर-हॉफ पैंट
हग्गिएस
नागराज-ध्रूव की कॉमिक ड्राइंग बुक-स्केच पैन का पैकेट
मैथ्स टेबल्स २ x २ = ५
बूट -पॉलिश
ऎक्शन के शूज... 
माँ दुर्गा पाठ
सुखमनी साहिब... जपजी साहिब पाठ...

फिर न मिला मुझे खवाबों में, ख्यालातों में...

साथ छोड़ गया वह बातों-बातों में
फिर न मिला मुझे खवाबों में, ख्यालातों में...
***
किससे कहे अपना दर्द रोमिल
कोई न मिला मुझे इन तन्हा रातों में...
***
उसकी क़समों से कुछ ऐसा सजाया घर को
दिल को जला कर रोशन होता रहा अँधेरी रातों में...
***
बेवफाई करके कहते है वह
अपनी लक़ीर ही नहीं थी तेरे हाथों में...

- सन

Friday, 8 December 2017

देवी-देवताओं की कहानियाँ

जब हम देवी-देवताओं की कहानियाँ पढ़ते है... तब आपको यह एहसास होगा कि वह भी हम इंसानों की तरह ही है... वह हम इंसानों की तरह षडयंत रचते है, साज़िश करते है, शरारत करते है... एक-दूसरे देवी-देवता से ईर्ष्या करते है, कटु वचन बोलते है, लड़ाई-झगड़ा करते है... हम इंसानो की तरह ही तरह-तरह के पकवान खाते है, सुन्दर-सुन्दर वस्त्र पहनते है.... सजते-सवरते है... उनकी शादी होती है, उनके बच्चें होते है, फिर उनके बच्चों के बच्चे होते है... वह भी प्रेम करते है, विवाहबाह्य संबंध होते है...   

कभी-कभी ऐसा लगता है कि हम इंसान ही देवता-तुल्य हो गए है... या फिर यह भी कह सकते है कि यह सभी  देवी-देवताओं की कहानियाँ हम इंसानों ने लिखी है इसलिए हम उनको अपने नज़रिए से देखते है... 

यह फिलॉसिपी है... 

खुदा करे की अब हम खाक़ हो जाये...

दुनिया करती रही गुनाह
सब माफ़ हो जाये... 
हम उसका नाम भी ले ले
तो गुनेहगार हो जाये...
***
क्यों हमें दुनिया वाले समझते है दीवाना
एक आरज़ू है दिल में हम पागल हो जाये... 
***
काहे की मोहब्बत 
काहे की इबादत
जब रब ही दिल-ए-दुनिया से दूर हो जाये... 
***
हमको इस मोहब्बत ने दिया ही क्या है 
पहले तो टूटे थे सिर्फ 
खुदा करे की अब हम खाक़ हो जाये... 

- सन

Thursday, 7 December 2017

वह स्वाभिमान था या फिर उसका अभिमान

मुझे आज तक नहीं समझ आया 
वह स्वाभिमान था या फिर उसका अभिमान
वह क्रोध था या फिर उसके दिल की उलझन
वह हार कर खुश था या फिर किसी जीत के नशे में था
उसे अपने बच्चों से प्रेम नहीं था या फिर कोई मजबूरी थी...

वह न मेरी ख़ुशी में था न मेरे दर्द में मेरे साथ था... 
फिर भी 
मैं उसके जनाज़े में शामिल क्यों था...
मैं उसके मरने पे उसके साथ क्यों था...
क्यों आज भी उसकी मौत का मातम मनाता हूँ... 

मुझे नहीं पता... 
मेरे बाप का स्वाभिमान था या फिर उसका अभिमान... 

- सनी    
 

Wednesday, 6 December 2017

नमक वाले बाऊजी...

मियां... मेरा बाप नमक बेचता था... 
अब या तो मैं नमक हलाल बनूँगा या फिर नमक हराम... 

नमक वाले बाऊजी... 

हाहाहाहा 

- सनी

समझ नहीं आता यह नाकामी मेरी खुद की है... या फिर उसकी दी हुई है...

समझ नहीं आता यह नाकामी मेरी खुद की है... 
या फिर उसकी दी हुई है... 
मैं जैसा हूँ....
मैं वैसा तो नहीं था... 
जैसा मैं बनता जा रहा हूँ...  

मुस्कराहट... मगर अंदर-अंदर उलझनों से भरी...  
अब तो दिन में सड़क तक आने में, रोशनी से डरने लगा हूँ...  
क्यों मैं ऐसा बनता जा रहा हूँ... 
समझ नहीं आता यह नाकामी मेरी खुद की है... 
या फिर उसकी दी हुई है... 
मैं पहले से ही टूटा था... या माँ-बाप की मौत ने मुझे बिखेर दिया है...

- सनी

Tuesday, 5 December 2017

कहते है बेटे, बाप की आन-बान -शान होते है...

कहते है बेटे, बाप की आन-बान -शान होते है...
वैसे तो उम्र भर रिश्तों में कड़वाहट रही...
पर फक्र से सर ऊंचा भी रहा...
ज़िन्दगी रोज लेती रही आह पर बाप पुकारता हुआ एक शब्द भी रहा...

वैसे तो मुलाक़ात के लिए पलों की कोई कमी न थी...
पर अपनी मुलाक़ात का वक़्त तो बाप का जनाज़ा रहा...

कई बार मैंने यह सवाल पूछा है खुद से
सूरज के रहते अपनी ज़िन्दगी में क्यों इतना अंधियारा रहा...

- सनी

नोटिस

नोटिस

स्वयंभू मित्र... 

१- मैं पहले भी बता चूका हूँ, मेरी सिर्फ एक ही मित्र थी और है.... नाज़... वह अल्लाह मियाँ को प्यारी हो चुकी है... 
२- नाज़ के बिना मेरा कोई नहीं है. जो कोई कहता है मुझे अपना मित्र वह सरासर झूठ है... गूगल+ पे जितने भी लोग मेरे साथ जुड़े हुए है मैं उनको ठीक प्रकार से जानता-पहचानता भी नहीं... सिर्फ सोशल साइट की वजह से जुड़ें हुए है... 
३- सब मेरे स्वयंभू मित्र बने हुए है... 

रोमिल अरोरा

अब्बा के बिना अब हम अकेले है...

पतंग भी बहुत उड़ाई है
कंचे भी खूब खेले है
अब्बा के बिना अब हम अकेले है...

नमक की बोरी
चुटकी की पुड़िया
तांगे संग घोड़ों ने भी खूब दौड़ लगाई है...

वह गाली-गलौज 
ढाबा का खाना
रामलीला की सैर
हमने भी माँ के बिना ज़िन्दगी बिताई है...

- सनी 

Monday, 4 December 2017

तेल मालिश... तेल मालिश

तेल मालिश
तेल मालिश
रात को जब अब्बा दुकान से थके-हारे घर को आते
मेरे छोटे-छोटे, नन्हे-नन्हे हांथों से सर पे चम्पी जरूर करवाते
हम भी तेल लेकर बिस्तर पर शुरू हो जाते
तेल मालिश
तेल मालिश

कभी तबला
कभी थपकी
कभी सर को दबाते 
कभी अब्बा के कानों में गुनगुनाते  
तो कभी ज़ोर-ज़ोर से उनके सर के बाल पकड़-पकड़ हिलाते
हम भी तेल लेकर शुरू हो जाते
तेल मालिश
तेल मालिश

बिस्तर की चादर पर जब तेल गिर जाता तो अम्मी चिल्लाती
तौलिया जब तेल से सन जाता तब अम्मी खूब डांट लगाती
पर हम नहीं मानते
हर रात फिर शुरू हो जाते
तेल मालिश
तेल मालिश

- सनी 

Sunday, 3 December 2017

मैं, अब्बा और मेरी पहली साइकिल

मैं, अब्बा और मेरी पहली साइकिल

मन में मेरे ख़ुशी के दीप जगमगाये थे  
अब्बा मेरे लिए साइकिल लेकर आये थे...

नन्हे-नन्हे क़दमों से जब मैं पैडल मारता 
गोल-गोल जब पहिया घूमता 
अब्बा देख-देख मुस्कुराये थे 
अब्बा मेरे लिए साइकिल लेकर आये थे... 

मुझमें हिम्मत भर खुद साइकिल पर बिठाते
साइकिल सीट पकड़े-पकडे पीछे मेरे खूब दौड़ लगाते 
जब मैं गिर जाता तो फिर मुझे उठाते
घुटनों से मेरी मिट्टी छाड़ते  
शाम को रोज़ ऐसे सुहाने पल आये थे   
अब्बा मेरे लिए साइकिल लेकर आये थे

आइसक्रीम खाते
साथ-साथ चलते  
बातें करते 
हाथों से साइकिल का हैंडल पकड़े
कितने पल हमने साथ-साथ बिताये थे 
अब्बा मेरे लिए साइकिल लेकर आये थे

मैं और मेरी साइकिल आज भी अब्बा तो याद करते है...

- सनी

Friday, 1 December 2017

अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.

दूर खड़ा अपना मीठा आशीर्वाद देता रहता 
अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.

समय के साथ पग-पग साथ चलता रहता
तुम गिरते तो उठा लेता
कभी समझाता
कभी डाँटता
तुम थके-खड़े रहते तो फिर चलने को कहता 
हिम्मत देता
अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.

बच्चों को मजबूत बनाता
अपने सपनो को सच करना सिखाता
कन्धों पर अपने बोझ उठाकर बच्चों का जीवन सँवारता
अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.  

- सनी 

  

०७. १२

कुछ ख़ास बात नहीं
बस अब्बा अल्लाह मियाँ को प्यारे हो गए थे!

- सनी 

Thursday, 30 November 2017

साँसें रोज़ उसका नाम जपती है...

साँसें रोज़ उसका नाम जपती है... 
नज़रों से उसे रोज़ छूकर आ जाते है... 
होंठ सदियों से प्यासे है... प्यासे है... प्यासे है... 

- सन 

हौसला

मन तो उसका भी करता है मुझे जवाब देने का... 
पर क्या करे हाथ थामने... जवाब देने के लिए हौसला भी तो होना चाहिए।

- सन 

Wednesday, 29 November 2017

log hamein zindagi ke naam se pukarte hai...

"Doston se mile fursat to kuch nazarein-karam hamari taraf bhi karna
kahi aisa na ho ki tanha-akele hi barbaad ho jaye...
log hamein zindagi ke naam se pukarte hai..."

- RaJ

माँ बहुत अजीब होती है

माँ बहुत अजीब होती है
बच्चों के फिर्क में लिपटी रहती है रात भर 
सोती नहीं पूरा 
थोड़ा-थोड़ा जागती है.
माँ बहुत अजीब होती है.

सबसे पहले सुबह उठती
दरवाजों की कुण्डियां खोलती
फिर मुझे उठाती
पापा के लिए चाय बनाती 
टिफ़िन लगाती 
मुझे सजाती 
स्कूल छोड़ कर आती
नींद में ही भागती-दौड़ती है.
माँ बहुत अजीब होती है.

गमलों में रोज़ पानी देती
घर को साफ़-सुथरा रखती
नई आशायें बुनती
दूध उबालते हुए गाना गुनगुनाती
बच्चों के फ़िक्र में खोई-खोई रहती है 
माँ बहुत अजीब होती है.

चहरे पे नील लिए हल्का-हल्का मेकप भी करती
सब्जी-राशन के लिए दौड़-धूप करती
कभी टीचर तो कभी सहेली बनती  
आँचल में रूपया छुपाये रहती  
माँ बहुत अजीब होती है.

- सन

Tuesday, 28 November 2017

अधूरी बातों से लिखे पड़े अधूरे ख़त

अधूरी बातों से लिखे पड़े अधूरे ख़त
तुम आकर इनको पूरा कर दो.
मैंने तो अपनी बातें लिख दी है
तुम आकर अपनी बातें लिख दो.

अधूरा प्रेम किया है,
अधूरा रिश्ता जीया है, 
तुम आकर इनको पूरा कर दो
तुम आकर इनमें रंग भर दो
जो अधूरे खवाब सजाये है.

अधूरी ज़िन्दगी सिमटी पड़ी है अधूरेपन में
तुम आकर इसको पूरा कर दो.
मैंने तो अपनी ज़िन्दगी जी ली है 
तुम आकर अपनी ज़िन्दगी जी लो.  

- सन

Monday, 27 November 2017

तूने मुझे खो दिया, मैंने तुझे खोया नहीं

दिल टूटा मगर मैं रोया नहीं 
तूने मुझे खो दिया, मैंने तुझे खोया नहीं

जुबान चुप रही
रातें खामोश 
मैं कल रात भी एक पल को सोया नहीं. 

उस गुनाह की मुझे सजा मिल रही है 
जो पाप का पौधा मैंने बोया ही नहीं.

कई बार सोचा तुझे लिखूं, 
तुझे कहूँ
मगर लब सीले रहे मैं कुछ बोला ही नहीं

- सन

Saturday, 25 November 2017

बक....बक...बक

बक....बक...बक
एक दिन बक...बक...बक...बक-बक करते बंद हो जायूँगा।

होंठों पे बस मेरी चुप्पी सधी हुई होगी
आँखें बंद होगी 
और 
यह देह ज़मीन पे पड़ी होगी।

तुम राज-राज पुकारोगी तब भी नहीं एक-शब्द बोल पायूँगा।
एक दिन बक...बक...बक...बक-बक करते बंद हो जायूँगा।

तुम मेरी बक-बक याद करोगी,
मेरी फालतू बातों को याद कर हँसोगी,
तुम्हारे लबों पे बस यही मुस्कान छोड़ जायूँगा।
एक दिन बक...बक...बक...बक-बक करते बंद हो जायूँगा।

- राज

Thursday, 23 November 2017

दोनों अजनबी रहते तो अच्छा रहता

दोनों अजनबी रहते तो अच्छा रहता
न हम तुम्हें जानते
न तुम हमें पहचानते

तुम हमें यूँही ईमेल करते रहते
हम तुम्हें ऐसे ही एसएमएस भेजते रहते 

तुम हमें अपनी खुशियां लिखते
हम तुम्हें अपने गम लिखते
तुम हँसा करते
हम चुपके-चुपके रो लेते।

बस इतना ही अपना रिश्ता रहता
हम दोनों परदे के पीछे छुपे रहते
बस अपनी-अपनी अदाकारी से एक-दूसरे की ज़िन्दगी सवार रहे होते...

क़ाश दोनों अजनबी ही रहते... 

- राज

अगर मरने का ख्याल हो तो

अगर मरने का ख्याल हो तो एक बार हमें भी पुकार लेना... 
हम तो कब से बोरियाँ-बिस्तर तैयार कर, तेरे इंतज़ार में बैठे है।

यहाँ अंतिम-संस्कार का सामान मिलता है...

- राज 

बातों-बातों में...

चलो कुछ बातों-बातों में उससे बात करके देखते है... 
कुछ जवाब-सवाल उससे करके देखते है...

हा हा हा हा

Wednesday, 22 November 2017

Hamare-Tumhare Ishq Ke Parche Khule-Aam Ho Gaye...

Hamare-Tumhare ishq ke parche khule-aam ho gaye...
Hum badnaam pehle se the
Aur badnaam ho gaye...

Sab par hasana bahut aasaan tha hamare liye
Jab khud pe guzari to kaam-tamaan ho gaye...

Ladate the... Aapas mein jhagadte the... 
Tujhse ladate the... jhagadte the.. Par teri khabar to mil jaati thi...
Jab se door-door kya hue ki anjaan ho gaye...

Hum to aapke liye marne ko bhi taiyaar the Sahiba...
Bas aap hi dusare ke ho gaye...
hahaha

- RaJ

Monday, 20 November 2017

एक न एक दिन तो तुम्हारे घर में भी मातम होगा

कौन सा ऐसा घर है जो खुदा के क़हर से बचा होगा. 
एक न एक दिन तो तुम्हारे घर में भी मातम होगा
कोई सफ़ेद कपड़ो में लिपटा ज़मीन पर पड़ा होगा.

रोने-धोने की आवाज़ तुम्हारे घर से भी आ रही होगी
लोगों का घर में हुजूम ठसा-ठस भरा होगा.

तुम्हारी आँखों से आँसुओं का सेहलाब बह रहा होगा.
वक़्त ज़िन्दगी को तुम्हारी डस रहा होगा.  

दूर कही खड़ा मैं हँस रहा हूँगा 
ज़ोर-ज़ोर से 
बहुत ज़ोर
बहुत जोर-जोर से हँस रहा हूँगा

- सन   

नोटिस

नोटिस

१- मेरे माता-पिता का स्वर्गवास हो चूका है. मैं एक दम अकेला इंसान/लड़का हूँ. कोई और रिश्तेदार नहीं है मेरा. न भाई, न बहन, न पत्नी, न और कोई रिश्तेदार। अगर कोई आपको मेरा रिश्तेदार होने की बात करता है तो वह निराधार है, सरासर झूठ है।

२. कुछ दलाल और मेरे जान-पहचान/सिर्फ हेलो टाइप वाले कुछ लोग मुझसे शादी करवाने की बात समाज में/ लड़कीवालों के परिवारवालों से जा-जाकर करते रहते है. उसमें कुछ महिला/ लड़कियाँ भी शामिल है. मैं बहुत ही स्पष्ट, साफ़ कर दूँ कि मेरा विवाह का कोई विचार नहीं है. यदि कोई भी दलाल के प्रलोभन में आता है और उसको कुछ धन, सामान, अन्य दे देता है तो वह खुद उसके लिया ज़िम्मेदार होगा. मेरी कोई जिम्मेदारियाँ नहीं होगी. 

३. बहुत सी महिला/ लड़कियां मुझे अपना साथी होने की बात करती है और यहाँ तक की प्रेमी भी कहती है और यहाँ तक यह भी कहती है की यह लड़का मुझसे शादी करना चाहता है. जो निराधार बात है, सरासर झूठ है. मेरी ज़िन्दगी में सिर्फ एक ही महिला साथी है जिसका नाम नाज़ है और वह मैंने अपनी ज़िन्दगी में सिर्फ एक ही लड़की से मोहब्बत की है जिसका नाम गुन है. और दोनों की अल्लाह मियाँ को प्यारी हो चुकी है. अच्छा यह रहेगा की आप लोग किसी भी झूठ का शिकार न हो. 

४. किसी भी बात की सच्चाई जाननी हो तो पहले मेरे से ब्लॉग पर कमेंट्स करके वार्तालाप करले तब उसपर यकीन करें और अपनी राय बनायें।

रोमिल अरोरा

Saturday, 18 November 2017

Samaj hi nahi aaya ki kab mohabbat ke haaton bik gaye...

Samaj hi nahi aaya ki kab mohabbat ke haaton bik gaye...
mazaak banke reh gaye...

na woh humein samjhe...
na hum unko...
bas ek safar ke saathi banke reh gaye...

thodi si wafaa mangi thi bas usse...
hum bewafa banke reh gaye...

waqt ki parat pe parat aisi zami ki 11 saal beet gaye...
hum intezaar banke reh gaye...

- Raj

Thursday, 16 November 2017

Fark...

Bas itna sa Fark hoga...

Main Garib hun...
Meri Kabr Mitti ki Banegi... aur usmein Phool Khilenge...

Tum Ameer ho...
Tumhari Kabr Sangemarmar ki Banegi... aur usmein Log Phool Chadane aayenge...

Simple...

-Sun

Sunday, 12 November 2017

Jo Sach Ke Saath Khade Nahi Hote Woh Kisi Ke Sage Nahi Hote!

Jo Sach Ke Saath Khade Nahi Hote
Woh Kisi Ke Sage Nahi Hote!

- Sun

Tareek-Naama

07th December - Maatam-e-Rooh - Pita k Liye
12th December to 12th January - Maah-e-Moharram - Maa k Liye
20th February - Khushi-e-Pal - Tuffy K Liye
04th April - Sukun-e-Rooh - Maa k Liye
29th April - Zindagi-e-Mohabbat - GuNn k Liye
01st July - Jashn-e-Eid - NaaZ k Liye
03rd August - Zindagi-e-Barbaad - Khud k Liye
09th August - Mohabbat-e-Jahan - GuNnRaJ k Liye

Friday, 10 November 2017

Aye meri imaandari chalo aaj tumko baich dete hai..

Bade sambhal ke rakha tha ise jaise purkhon ki amanat ho koi...
Kisi keemati kaagaz mein sunheri siyahi se likhi ibadat ho koi...
Khandaan ka maan...Bujurgon ki pehchan ho koi...
Chalo aaj isko baich dete hai..
Aye meri imaandari chalo aaj tumko baich dete hai..

Dekhate hai kitna daam milega... 

- Sun

Abhi apne pairon pe acchi tarah khada hi nahi hua tha ki ise apni hasiyat ka andaza ho gaya...

Abhi apne pairon pe acchi tarah khada hi nahi hua tha ki ise apni hasiyat ka andaza ho gaya...
Bechara Garib ka baccha, Ameer Dost ke Janamdin ki party mein jo chala gaya...

Kabhi dusare bacchon ke reshami kapde dekhata...
To kabhi apni kameez ka paiband dekhata...

Nazar uski kabhi dusaron ke chamakdaar juton pe jaati...
To kabhi apna fhata hua juta dekhata...

Apne haaton mein gift ka greeting card, gulab ka ek phool dekhata...
To kabhi khoobsurat kagazon mein lipate dusaron ke haaton mein bade-bade gift dekhata...

Sabko party mein aas-pass mein khelte, baatein karta dekhata...
To kabhi khud ko akele kinare pe khada tanha dekhata...

Abhi apne pairon pe acchi tarah khada hi nahi hua tha ki ise apni hasiyat ka andaza ho gaya...
Bechara Garib ka baccha, Ameer Dost ke Janamdin ki party mein jo chala gaya...

- Sun 

Yeh Hindustan Hai, Yeh Hindustan Hai...

Yeh Hindustan Hai, Yeh Hindustan Hai...

Yahan Fheku bhi hai...
Yahan Pappu bhi hai...
Janwaron ka chaara khata insaan bhi hai...
Yeh Hindustan Hai, Yeh Hindustan Hai...

Yahan Noton pe nachata Neta bhi hai...
Yahan Rajneeti karta Abhineeta bhi hai...
Yahan bhookh-garibi se marta Garib Parivar bhi hai...
Yeh Hindustan Hai, Yeh Hindustan Hai...

Yahan Abhineta-Abhinetri ka jhagda bhi hai...
Yahan Tamatar-Pyaaz ke daam se roz pareshan insaan bhi hai...
Yahan Suli pe chadhata Kisaan bhi hai...
Yeh Hindustan Hai, Yeh Hindustan Hai...

Yahan Sulagti Jannat bhi hai...
Yahan Sarhad pe Marta Jawan bhi hai...
Yahan Gaaye ke liye marta Naujawaan bhi hai...  
Yeh Hindustan Hai, Yeh Hindustan Hai...

- Sun

Wednesday, 8 November 2017

Raavan Ramayan...

Raavan Ramayan...

Putra ho to Meghnad jaisa... Jisne Indra ko jeeta Indrajeet bana... Jisne Rudra avtaar Hanuman ko Brahmastha mein baand liya... Jisne Sheshnaag avtaar Laxman ko apne Baan se murchit kar diya... Jisne hamesha apne Pita ke agya ka paalan kiya... 

Jaise Rama ne kiya apne Pita ke vachano ka palan usi tarah Meghnad ne bhi apne Pita ke vachano ka palan kiya... Vachan ka paalan karte-karte yudh mein apne Pran tak gava diye.

Putra ho to Meghnad jaise... Vijaye, Tejasvhi, Indrajeet, MahaYodha.

Monday, 6 November 2017

World Famous Short Stories – Kundali


World Famous Short Stories – Kundali


RAJuddin, Lakhnav mein Gomti Nadi ke kinare baitha baitha apna left hateli dekh raha tha, left hateli mein use ek trishul bana hua dikha aur ek kamal ka phool bana hua dikha aur saath hi saath L, V, M, W aur A akshar bane hue dikhe. Socha chalo aaj bhagya pandit se puchate hai, Kham-kha 500/- rupiya lag jayega is garibi mein…. Yahi sab sochate hue pahuch gaya pandit RamShankar Sharma ke pass.

Saturday, 4 November 2017

Masle

Mohd.Ali Jinna se unki Beti Ka Rishta Nahi Sambhal Saka...
Gandhi Ji se kabhi unke Bete Ka Rishta Nahi Sambhal Saka...

Miya, Ghar Ke Masle Sulajhate Nahi...
Desh Ke Masle Kya Khaakh Suljhenge...

Miya, Ghar ko Sambhalta Nahi...
Desh kya Bhala Khaakh Sambhalega...

- Sun


Wafaa... Bewafai

Main Ta Badi Mushkil Mein Rehta Hun...

Tujhse Karunga Wafaa to MAA ka Gunehgaar ho Jayunga...
Bewafai Tujhse Yeh Meri Rooh Karne Nahi Degi...

- RaJ 

श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरपुरब (नवम्बर ०४) दी लख-लख बधाई होवे सरे नु...

श्री गुरु नानक देव जी
के
प्रकाश गुरपुरब (नवम्बर ०४)
दी
लख-लख बधाई होवे सरे नु...

Thursday, 2 November 2017

World Famous Short Stories – Log

World Famous Short Stories – Log

Kolkata ki galiyan, wahan ki mithai, saree aur purane makano mein dher saari yaadein. Kolkata shehar khud mein ek sanskriti, ek shabyata, ek sanskaar samethe hue hai. Bahut khud dekha hai in Kolkata ke makano mein.

GUNNnoorie makaan ki khidki pe khadi logon ki baatein sun rahi thi.

“10 saal ka fark hai ladka-ladki mein… ladki 10 saal badi hai…”

“chehare se itni khoobsurat nahi hai, Khargosh jaise do daanth aage nikale hue hai…. ladka hi latoo hua firta tha peeche”

Monday, 30 October 2017

Yeh khakee ka raub humein na dikhao

Yeh Khakee ka Raub humein na dikhao
Hum Khadi wale hai...

Gandhi ko padate hai, 
Gandhi ko Odhate hai...

Satya Likhate hai, 
Satya Bolte hai...

- Sun

World Famous Short Stories – Teen Chittiyaan

World Famous Short Stories – Teen Chittiyaan

Canada ki rooh mein Punjabiyat basi hui hai. Aisa lagta hai ki bas Punjab ka hi koi Pind ho Canada aur jaise Babu Ji pucche Charanpreet kitthe hai? aur Bebe aawaz laga kar kahe “Kudi, Kaneda gai hai subah tak aa jayegi, tussi pareshan mat ho” Yeh rishta hai Cananda ka Punjabiyon se.

RAJpreet Singh, Canada mein Dashmeshpita Gurudware mein mattha tekane gaya tha. GUNNsharan Kaur bhi uske saath thi. GUNNsharan, RAJpreet ka pyar tha pichale 11 se. Aaj GUNNsharan kehna chah rahi thi ki RAJpreet “mere naal viyah kar le, yeh sindoor meri maang mein bhar de” woh RAJpreet ke pass aai, woh janta tha ki GUNNsharan ke mann wich ki hai. RAJpreet bola main Gurudware wich hu, jhoot nahi bolunga, tere woh lafz sunne se pehle jo main 11 salon se sunna chah raha tha usse pehle main apni in Teen Khaton ka jawab tusse chahta hun. Yeh kehte hu, safed fhatte se lifafe mein rakhe usne teen chittiyan uski aur bhada di. GUNNsharan ne un khaton ko khola aur padane lagi.

Saturday, 28 October 2017

Zindagi-e-duaein

Saari zindagi-e-duaein dhari ki dhari reh gai
Maut ka farista aaya aur usse apne saath udha ke le gaya.

- Sun

"Ek Mara Nahi aur Dusara Marne Ke Liye Paida Ho Gaya"

"Ek Mara Nahi aur Dusara Marne Ke Liye Paida Ho Gaya"

- Anand Movie

World Famous Short Stories – Mukhuta

World Famous Short Stories – Mukhuta

New Zealand ke Auckland shehar mein safed burf si pahariyon ke beech RAJcharlie akela bench pe baitha haseen wadiyon ka luft utha raha tha. Thandi-Thandi burf ki hawaein jab uske chehare ko chookar jaati thi to woh kaanp uthata tha.

Thodi dair mein kya dekhata hai ek khoobsurat si PARI uske pass aati hui jaise koi aasman se utara farista ho. Pari ne khud hi RAJcharlie ke pass aakar bola Main Tum ho.

RAJcharlie bola Main Tum hu matlab? Pari boli Main Tum hi hu. Tumhare mann ke andar se hi bahaar aai hu, tumse kuch baat karne. Tumhare mann ko tumko samjhane. 

Tuesday, 24 October 2017

World Famous Short Stories – Tera Naam

World Famous Short Stories – Tera Naam

American ko aajkal ek naya shauk chhadda hai… Hatiyar rakhane ka… Chhote se Chhota baccha bhi Tashan dikhane ke liye apne saath Hatiyar rakhata hai.

RAJlena ne GUNNdena ki kanpatti pe revolver rakhi hui thi. Ya to aajtu nahi ya fir main nahi GUNNdena. Tum ek rog ho meri rooh ka, ek khodh ho mere jism ka, jab tak tum zinda rahogi ya fir main zinda rahunga tab tak mujhe is rog se, is khodh se chutkara nahi mil sakta. Main khudko tumse mohabbat karne se nahi rok payunga.

Monday, 23 October 2017

Main Shabdon ke saath samjhauta nahi karta hun

Main Shabdon ke saath samjhauta nahi karta hun
Jo kehta hun khule lafzon mein kehta hun...

Yeh Bandishen mubarak ho tumhein
Main parinda hun samaj ki reeti-rivazon mein qaid nahi rehta hun...

- Sun

Sunday, 22 October 2017

Main Shabdon ka Sauda nahi karta hun.

Main Shabdon ka Sauda nahi karta hun.
Sach kehta hun,
Sach likhata hun,
Kisi se nahi darta hun...

Tum chaho to kitne bhi baitha lo Thanedaar, Vakeel, Judge
Main Haq ki Vakalat karta hun...

Yeh Darr,
Yeh Khauf
humein na dikhao...
Main Parinda hun, Aasmaan ki Ucchai se nahi darta hun.

Yeh Daulat,
Yeh Mehal 
mubarak ho tumko...
Main qalandar hun, apne qadmo mein TajMahal ko rakhata hun....

- Sun

World Famous Short Stories – Accidental Love

World Famous Short Stories – Accidental Love

Mere husband doctor hai kahi aisa na ho ki woh unki help mang le. Kahi woh unpar hospital ke bills mein discount dilane ke liye hospital management se baat karne ka pressure na banaye. In garib logon ka koi bharosa nahi, yeh bhi to ho sakta hai woh rupiyon ki help maang le. Aur agar woh marr gaya to karm-kaand ka sab kharcha humko hi na karna pade. Aajkal kisi ka marna bhi kitna mehanga ho gaya hai.

Yeh sab badbadate hue GUNNfigo ne apne laptop ko band kar diya. 

Saturday, 21 October 2017

World Famous Short Stories- 09th August

World Famous Short Stories- 09th August

Zillat ki barish mein raat bhar bheege hai… Ek garma-garm coffee pila do brother… 10th August subah ke 04 baje RAJchokosia Paris ki gali mein coffee dukaandaar se kehta hua…

Bilkul Sir, abhi 2 minutes mein deta hun Hot Coffee wid aapki favourite Butter Cookies.

Saturday, 14 October 2017

Ameer... Garib...

Ameer ki ek halki si chheekh pe bhi doctor aa jaata hai...
Garib ki jaan jab tak halak tak na aa atke tab tak Doctor nahi aata hai. 

zindagi ki sacchai hai...

Sunday, 8 October 2017

Hai aur Nahi bhi hai...

Tujhse ishq hai aur nahi bhi hai...
Tu meri hai aur nahi bhi hai...

Nazre mil jaye to muskura dete hai...
Kareeb aa jaye to haalchal bhi puch lete hai...
Fasle hai aur nahi bhi hai...

Kasoor mera tha ya fir tumhara kahu...
Shabdon ki chotton se channi dil apna kahu ya tumhara kahu...
Dono Doshi hai aur nahi bhi hai...

Dil mein shabd hai magar labon pe aa rahe nahi...
Haath thamne ko jee chahta hai magar kadam badh rahe hi nahi...
Aarzoo hai aur nahi bhi hai...

- Sun

Friday, 6 October 2017

Gunehgaar...

Main khud hi apni zindagi ka gunehgaar hun...
Log to sirf bahana hai...

- Sun

Div n Me

Saadi Allar Umar Di Yaarian, Aaj Lagdi Bahut Pyariyan, Dardi Haan Kitthe Toot Na Jaane - Gill Harpal (2017)


Raavan Ramayan

Samaj mein log apni santan ka naam Vibhishan nahi rakhate hai. Laxman rakh lenge, Bharat, Shatrughan rakh lenge par Vibhishan nahi rakhenge.

Kyonki jo Vibhishan ne Raavan ke saath kiya woh Bhai Dharm ke virudh tha. Isliye is samaj ne Vibhishan ko kabhi nahi apnaya. Kyonki koi parivar nahi chahta ek bhai, dusare bhai ki mrityu ka kaaran bane.

Raavan ne Vibhishan ko is samaj se, is bhartiye shabhyata se bahar kar diya.

Raavan Ramayan

Raavan ne kabhi bhi Mryada ki rekha nahi langhi. Na usne Sita ko paane ke liye kabhi Laxman Rekha paar ki. Na usne kabhi Lanka, Ashok Vatika mein Sita ko jabardasti paana chaha. Usne to Rama, Laxman ko yeh batana chaha ki agar kisi ki Behan ko apmanit karoge to tumhare kul ki istriya bhi apmanit ho sakti hai.

Laxman Rekha to Sita ne paar ki thi Raavan ne nahi. 

Wednesday, 4 October 2017

Karm Beejh

Jo bhi karm hum karte hai woh ek beejh ki tarah hota hai. Har beejh ka ek fhal hota hai. Jaise humne ek action kiya hai, uska reaction hota hai. Isi reaction ki wajah se hamari zindagi mein ghatnai, ghatati hai.

Isliye gar hamari zindagi mein kuch accha hua hai to shayad humne ateet mein, dus din pehle, dus saal pehle ya fir dus janam pehle humne kuch accha kiya tha. Agar kuch bura kiya tha to bura hoga.

Aatma aur Sharir...

Aatma aur Sharir ko is roop mein samjha ja Sakta hai.

Hum sabhi Sone ke abhushan pehante hai. Ek janam mein aap choori hai, dusare janam mein aap kangan hai, teesare mein aap kaan ki baali hai. Aap asal mein Sona hi hai par aapka roop alag hai. Har janam mein aapka roop alag hai par Aatma wahi hai.

Is tarah yeh karmo ka chakr chalta rehta hai aur naye-naye roop mein abhinay karte rehte hai.